Tuesday, 29 November 2011
Friday, 4 November 2011
....सोचा नहीं था....
घटा है आज तक जो भी जिंदगी में हमारी
वो अप्रत्यासित ही रह जायेगा , सोचा नहीं था.....
हाथ बढाया था हमने सिर्फ दोस्ती का,
वो प्यार में बदल जायेगा सोचा नहीं था.........
गए थे उस दर पर गैरों का समझकर,
वो तुम्हारा निकल आएगा सोचा नहीं था......
ये तो शायद एक छोटी सी भूल थी हमारी ,
तुम हमको ना समझ पाओगे सोचा नहीं था ......
हुए थे दीवाने शायद थोड़े से हम भी,
इस कदर पागल ही हो जायेंगे शोचा नहीं था .....
बेसाख्ता पत्थरों से दोस्ती अच्छी नहीं होती,
मगर तुम महज एक पत्थर ही रह जाओगे सोचा नहीं था ...
हमने तो सपने में भी दिल ना दुखाया था किसी का,
तुम इतना हमें सताओगे सोचा नहीं था....
"रजत" लाख करे कोशिश तुम्हे भूल नहीं सकता,
तुम हमको भूल जाओगे सोचा नहीं था....सोचा नहीं था....
- राजीव "रजत"
वो अप्रत्यासित ही रह जायेगा , सोचा नहीं था.....
हाथ बढाया था हमने सिर्फ दोस्ती का,
वो प्यार में बदल जायेगा सोचा नहीं था.........
गए थे उस दर पर गैरों का समझकर,
वो तुम्हारा निकल आएगा सोचा नहीं था......
ये तो शायद एक छोटी सी भूल थी हमारी ,
तुम हमको ना समझ पाओगे सोचा नहीं था ......
हुए थे दीवाने शायद थोड़े से हम भी,
इस कदर पागल ही हो जायेंगे शोचा नहीं था .....
बेसाख्ता पत्थरों से दोस्ती अच्छी नहीं होती,
मगर तुम महज एक पत्थर ही रह जाओगे सोचा नहीं था ...
हमने तो सपने में भी दिल ना दुखाया था किसी का,
तुम इतना हमें सताओगे सोचा नहीं था....
"रजत" लाख करे कोशिश तुम्हे भूल नहीं सकता,
तुम हमको भूल जाओगे सोचा नहीं था....सोचा नहीं था....
- राजीव "रजत"
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